शिक्षा का अधिकार अधिनियम - स्वरूप

Last Updated On: 14/04/2019

बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13,14 तथा 15 के अन्तर्गत निर्दिष्ट अपने कार्यों के आधार पर आयोग का शिक्षा का अधिकार खण्ड शोध अध्ययन करके, तथ्यखोजी जांच करके, जनसुनवाइयां आयोजित करके, शिकायतों की जांच करके और स्व संज्ञान लेकर, राज्य शिक्षा विभागों के अधिकारियों, स्कूल प्रबंधन समितियों, सिविल सोसाइटी संगठनों तथा जिलाधीशों जैसे सुसंगत हिस्सेदारों से बातचीत करने के लिए फील्ड विजिट करके बच्चों के शिक्षा के अधिकार के कार्यान्वयन की प्रभावी निगरानी कर रहा है तथा सभी बच्चों की शिक्षा के विकेन्द्रीकृत कार्यान्वयन में पायी जाने वाली कमियों तथा चुनौतियों के संबंध में जांच करने और जानकारी हासिल करने का कार्य कर रहा है। आयोग बच्चों के शिक्षा के अधिकार से संबद्ध ऐसे मुद्दों पर, जिनमें नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता हो, मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भी पत्र लिखता रहता है। आयोग राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोगों तथा सरकार के अन्य संबद्ध विभागों के साथ समाभिरूपता और समन्वय को मजबूत बनाने हेतु राष्ट्रीय, क्षेत्रीय तथा राज्य स्तर पर सम्मेलन और बैठकों का आयोजन करने के लिए भी प्रयत्नशील है।